

दर्द-ए-मोहब्बत
दिल ने चाहा था तुझे खुद से ज़्यादा, तू ही था मेरा हर एक इरादा। तेरे बिना अब साँसें भी लगती हैं जैसे कोई सज़ा। दर्द-ए-मोहब्बत, दर्द-ए-जुदाई, हर रात आँखों में छाई। जिसे अपना समझा था मैंने, वही छोड़ गया
2026-02-24 09:59:21
V1.0
[Verse 1]
दिल ने चाहा था तुझे ख़ुद से ज़्यादा
तू ही था मेरा हर एक इरादा
तेरे बिना अब साँसें भी लगती हैं सज़ा
हँसते हुए भी रोता हूँ मैं छुप-छुप के जरा
[Chorus]
दर्द-ए-मोहब्बत
दिल पे है छाई
दर्द-ए-जुदाई
रूह तक समाई
जिसे अपना समझा था मैंने
वही छोड़ गया
वही छोड़ गया
दर्द-ए-मोहब्बत
नाम तेरा आए
हर धड़कन मुझसे अब हिसाब माँग जाए
[Verse 2]
तेरी हँसी की गूँज अभी भी कमरे में रहे
कपड़ों में तेरी खुशबू के टुकड़े बिखरे पड़े
आईने में खुद से नज़रें मिलती नहीं
तू चला गया तो मैं भी कहीं रह गया अटके अटके से यहीं
[Chorus]
दर्द-ए-मोहब्बत
दिल पे है छाई
दर्द-ए-जुदाई
रूह तक समाई
जिसे अपना समझा था मैंने
वही छोड़ गया
वही छोड़ गया
दर्द-ए-मोहब्बत
तेरे ही बहाने
हर रात आँसू लिखते हैं तेरे अफ़साने
[Bridge]
तू ही दुआ था
तू ही सज़ा है
तेरी ही कमी अब मेरा खुदा है (ओह)
लौट आ ज़रा
या फिर दे दे सहारा
तन्हा ये सफ़र कटता नहीं दुबारा
[Chorus]
दर्द-ए-मोहब्बत
दिल पे है छाई
दर्द-ए-जुदाई
रूह तक समाई
जिसे अपना समझा था मैंने
वही छोड़ गया
वही छोड़ गया
दर्द-ए-मोहब्बत
अब क्या मैं चाहूँ
खुद से भी बढ़कर किसे मैं चाहता रहूँ

Love it!
Nice vibe
So moving